पाठ 6

दशा: जीवन का समय

दशा एक ग्रह द्वारा शासित अवधि है। सबसे प्रचलित पद्धति, विंशोत्तरी, 120 वर्ष का चक्र है।

नौ अवधियाँ हैं: केतु 7 वर्ष, शुक्र 20, सूर्य 6, चंद्र 10, मंगल 7, राहु 18, गुरु 16, शनि 19 और बुध 17।

आपकी पहली दशा आपके जन्म नक्षत्र के स्वामी की होती है। उसकी बची अवधि इस पर निर्भर है कि चंद्रमा उस नक्षत्र में कितना आगे था।

हर महादशा उसी क्रम में नौ अंतर्दशाओं में बँटी होती है, जो उसी ग्रह से शुरू होती हैं।

दशा का फल इस पर निर्भर है कि उसका ग्रह आपकी कुंडली में कहाँ है: उसका भाव, राशि बल और साथ के ग्रह।

क्विज़

1. पूरा विंशोत्तरी चक्र कितने वर्ष का है?
2. किस ग्रह की महादशा सबसे लंबी है?
3. आपकी पहली दशा किसके स्वामी की होती है?

अगला पाठ: कुंडली मिलान कैसे होता है →